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Monday, February 2, 2026
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जनकवि के रूप मे विश्व प्रसिद्ध बाबा नागार्जुन केँ पद्म पुरस्कार से वंचित रहबाक निराशा, संगहि सम्मानित करबाक मांग राखल गेल : विद्याभूषण राय

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30 जून 2024 केँ मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा बाबा बैद्यनाथ मिश्र यात्री ‘नागार्जुन’ केँ जयंती केँ अवसर पर बिरौल केँ महमूदा में मो. कलाम के नेतृत्व मे गोष्ठीक आयोजन कयल गेल। गोष्ठीक माध्यम सँ स्थानीय युवा सब सँ बातचीत भेल आ वक्ता सब बाबा केँ आदर्श सँ जुड़ल अपन विचार प्रस्तुत केलथि आ हुनकर मुख्य बिंदु केँ राजनीति में लागू करय केँ बात केलनि।

एहि अवसर पर मिथिलवादी नेता विद्या भूषण राय , जिप सदस्य धीरज कुमार झा एवं नवीन साहनी उपस्थित छला , अपन वक्तव्य मे कहलनि : हिंदी आओर मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार बैद्यनाथ मिश्र जीक आई जयंती छनि ।हिंदी साहित्य मे हिनक नाम नागार्जुन आओर मैथिली मे यात्री केँ उपनाम सँ परीचित छथि । मैथिली कविताक समकालीन परिप्रेक्ष्य मे यात्री जीक सृजनशीलताक इजोतक बिना कोनो भोर नहि भ’ सकैत अछि । , २. विद्यापति काल मे मैथिलीक स्थापित शैली मे पैघ परिवर्तन आनि मैथिली कविता केँ नव ऊँचाई पर पहुँचेबाक श्रेय यात्री केँ जाइत छनि | आधुनिकताक प्रसार, प्रगतिवादक आवाज आ मैथिली कविता मे यथार्थवादक विस्तार हुनक लेखनीक योगदान थिक । हिनक कविता समाज केँ एकटा नव दृष्टि प्रदान करबा मे सक्षम रहल अछि ।

एक दिस बाबा यात्री केँ नाम सँ प्रसिद्ध बैद्यनाथ मिश्र केँ रचना मे थांथ (संसारिक) शब्द केँ प्रयोग सम्मोहक अछि, त’ दोसर दिस हुनकर लोकतांत्रिक व्यवहार हुनकर लोककवि केँ रूप मे लोकप्रियता केँ सुनिश्चित करैत अछि | यात्री जीक मैथिली कविता मे कविक चिन्ता देखबा मे अबैत अछि । यात्री जी आर्थिक, सामाजिक आ सांस्कृतिक परिवेश मे यात्री लोकनि अपन शब्दकोशक सर्वोत्तम प्रयोगकर्ता छलाह |

मिथिलाक शिथिलता पर सख्त हमला करैत ओ कहलनि : जनकवि के रूप मे विश्व प्रसिद्ध बाबा नागार्जुन केँ पद्म पुरस्कार सँ वंचित रहबाक पर निराशा व्यक्त करैत भारत रत्न सँ सम्मानित करबाक माँग विद्या भूषण राय राखलनि।

जिप सदस्य धीरज कुमार झा मिथिलाक शिथिलता पर सख्त हमला करैत कहलनि : सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, साहित्यिक आ भाषाक क्षेत्र मे मिथिलाक समग्र विकास लेल मिथिला निरंतर शिकार अछि रौदी आ बाढ़ि आबि रहल अछि . जखन कि दोसर खेत बर्बाद भ’ गेल अछि, मिथिलाक मजदूर पलायन करय लेल मजबूर भ’ रहल अछि। चीनी मिल, पेपर मिल, जूट मिल आ अन्य उद्योग एतय कबाड़क ढेर मात्र बनल अछि। एहि क्षेत्रक दुर्दशा आ बेरोजगारी कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा आ संस्कृतिक विकासक माध्यमे मात्र समाप्त भ’ सकैत अछि । संविधान केँ आठम अनुसूची मे शामिल विश्व केँ एकमात्र मधुर भाषा मैथिली केँ राज-काज क’ भाषा , प्राथमिक शिक्षा मे अनिवार्यता – भौगौलिक , आर्थिक , ऐतिहासिक आओर सांस्कृतिक दृष्टि सँ मिथिला क्षेत्र लग एकटा राज्य बनबाक सब माप दण्ड अछि ।

एहि अवसर पर मुकुंद राय, सोनू झा, मो कलाम, रंजन झा, महादेब झा, सचिन कुमार, अजय कुमार, मो मुमताज, कुंदन कुमार, शमशाद, सौरभ कुमार उपस्थित छलाह |

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