
लहरि रूम (नई दिल्ली) : पाई सँ जतेक मजबूत होयब , स्वास्थ्य ओतेक मजबूत होयत । आइ भारत आ यूएई कें मध्य एकटा समझौता भ’ रहल अछि । अमेरिका द्वारा प्रायोजित टैरिफ वार सँ सम्पूर्ण विश्व के नजरि भारत आओर अमेरिका के बिच सबंध पर अछि। दोसर तरफ भारत आओर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा एकटा नव पहल प्रारम्भ कयल गेल अछि जेकी एकटा समझौता के तहत भ’ रहल अछि। अहि समझौता सँ स्वास्थ्य क्षेत्र मे मजबूती अनबाक संग- संग अमेरिकी मुद्रा डॉलर के बर्चस्व के सीधा चुनौती देल जा रहल अछि। आब भारत सँ UAE मे भारत निर्मित दवाई भेजल जाएत, मुदा सौदा डॉलर मे नहि भारतीय मुद्रा ‘रुपया’ आओर यूएई मुद्रा ‘दिरहम’ मे होएत। इ दुनू देश के अर्थव्यवस्था के आओर मजबूत करय के कदम अछि। एकर सीधा असर वैश्विक व्यापार पर सेहो पड़त। भारत आओर UAE द्वारा फार्मा क्षेत्र मे बड पैघ पैमाना पर व्यापार बढ़ाबै के चर्चा कयल गेल । एकर संगहि लोकल सेटेलमेंट करेंसी यानी रुपया आ दिरहम मे लेनदेन शुरू करब। एकर मतलब साफ अछि जे भारत-UAE केर व्यापार लेल अमेरिकी डॉलर के जरूरत कम भ’ जायत ।


