लहरि रूम ( रांची) : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कयल गेल , जे विनिर्माण, अवसंरचना एवं रोजगार सृजन केँ मजबूती सँ प्रस्ताव देल गेल अछि संगहि सरल कर आ सीमा शुल्क व्यवस्था के सेहो प्रस्तावना अछि। सरकार केर आधुनिकीकरण अभियान केर सुधार एक्सप्रेस के नाम देल अछि। बजट 2026 तीन “कर्तव्य” पर आधारित अछि उत्पादकता आ प्रतिस्पर्धा बढ़ा क’ विकास मे तेजी लेनाइ , लोगक कें क्षमता कें निर्माण, आ “सबका साथ, सबका विकास” कें विजन कें तहत समावेशी विकास सुनिश्चित करनाय।

संसद मे लगातार नौवम बजट सीतारमण द्वारा वैश्विक अनिश्चितता के मध्य विकास कें कायम रखबाक लेल एकटा बहुपक्षीय रणनीति प्रस्तुत कयलनि ,जाहि मे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स आ सेमी कंडक्टर क्षमता के विस्तार, बुनियादी ढांचा परियोजना के जोखिम कें कम करबाक , भारत के युवा सबके उभरैत तकनीक लेल कुशल बनेनाइ आओर करदाता आ आयातकर्ता लेल अनुपालन कें सरल बनेनाइ सम्मलित अछि ।
आइ रविदिन वित्तीय वर्ष 2026-27 कें केंद्रीय बजट पेश करैत निर्मला सीतारमण लोकलुभावन योजना सँ बचैत “सुधार एक्सप्रेस” के जारी रखबाक घोषणा केलनि। लगातार नौंम बेर बजट प्रस्तुत करैत सीतारमण द्वारा बुनियादी ढाँचा पर जोर देबाक आओर अर्थव्यवस्था केँ तेजी देबाक लेल सुधार के रूपरेखा कहलनि , जाहि मे किसान, युवा, आ छोट कंपनी पर विशेष ध्यान देल गेल अछि । ओ पूंजीगत व्यय केँ लक्ष्य कए बढ़ा कए 12.2 लाख करोड़ केँ प्रस्ताव देलनि , जे चालू वित्तीय वर्ष मे 11.2 लाख करोड़ छल, जाहि मे मैन्युफैक्चरिंग पर मजबूत ध्यान देल गेल अछि।
लगभग एक चौथाई घंटा के बजट भाषण में वित्त मंत्री नँ सुधार के रूपरेखा के चर्चा कयलनि आ विकसित भारत लेल बैंक तैयार करबाक लेल एकटा उच्च स्तरीय समिति के गठन के प्रस्ताव रखलनई । ओ विकास केर एगो प्रमुख इंजन के रूप मे सूक्ष्म, लघु आ मध्यम आकार के उद्यम (एमएसएमई) के महत्व पर प्रकाश देलनि , जाहि मे ₹10,000 करोड़ के एसएमई विकास कोष देबाक के प्रस्ताव राखलनि । ई कोष केर उद्देश्य एहि क्षेत्र मे भविष्य केर “चैम्पियन” तैयार केनाइ आओर आ उद्योग के बढ़ावा देनाइ अछि ।

सीतारमण द्वारा नारियल, चंदन, कोको, आ काजू जेहन उच्च मूल्य के फसल कें उत्पादन मे सहायता प्रदान केनाइ आओर तटीय क्षेत्र मे उच्च मूल्य के फसल केर खेती बेसी होइ ताहि पर बल देलनि । बजट मे आयकर दर आ संरचना मे कोनो बदलाव नहि कैल गेल अछि। 2026-27 वित्तीय वर्ष मे राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत क’ लक्ष्य राखल गेल अछि, जे चालू वित्तीय वर्षक 4.4 प्रतिशत कें अनुमान सँ कम अछि। एहि मे प्रस्ताव अछि जे कि चालू वित्तीय वर्ष मे ऋण-जीडीपी अनुपात 56.1 प्रतिशत सँ घटा क’ 2026-27 मे 55.6 प्रतिशत भ’ जाइ । बजट मे अगिला वित्तीय वर्षक लेल ₹53.5 लाख करोड़ कें खर्चक अनुमान अछि। शुद्ध कर प्राप्ति 28.7 लाख करोड़ टका केँ अनुमान अछि जखन कि बाजार केँ उधारी 17.2 लाख करोड़ टका हेबाक उम्मीद अछि।

