लहरि रूम (पटना) : बिहार राज्य मे चुनाव संम्पन्न भ’ नव सरकार के गठन भ’ चुकल अछि। मंत्रालय केर बटवारा सेहो भ’ चुकल अछि। अहि बेर के चुनाव के परिणाम अप्रत्याशित रहल अछि। बिहार के लोक भाजपा आओर जदयू पर बेसि अपन भरोस देलक अछि। ओना त’ “सुशासन बाबू” केँ नाम नीतीश जी अपन सरकार चलौलनि अछि। लेकिन पलायन, रोजगार , शिक्षा आओर अपराध पर हुनक पूर्णतः पकर नहि देखबा मे आयल। पलायन पूर्ववत रहल रोजगार के सृजन नहि भेल शिक्षा मे आंशिक कार्य भेल आओर वर्ष 2021 केँ बाद अपराधिक मामला मे सेहो वृद्धि भेल अछि। नव सरकार के गठन केँ बाद जाहि सँ राज्यक विकास होयत ओ सब विभाग भाजपा अपना लग राखलक अछि। जाहि मे आगू 5वर्ष तक प्रत्येक दिन नहि प्रत्येक घंटा के हिसाब सँ काज करबाक छैक आओर हमेशा ओकर परिणाम सकारात्मक होइ ताहि लेल काज करबाक छैक। वर्तमान समय मे मुख्यतः तीन विभाग पर राज्य केँ मंत्री लोकनि के काज करय परतनि।

गृह विभाग
बिहार भाजपा केँ करीब 20 वर्षक उपरांत बाद गृह विभाग भेटल अछि। भाजपा के लेल गृह विभाग संभारणाई चुनौती पूर्ण नहि बनि ताहि लेल भाजपा के स्थापित मंत्री सम्राट चौधरी के अहि बातक ध्यान राखैय परतनि । कतौ नै कतौ राज्य केँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केँ यूएसपी पर प्रश्न उठलाक बाद गृह विभाग भाजपा मे आयल। वर्ष 25 – 26 मे बिहार केँ पुलिसक कार्यशैली पर जनता प्रशनवाचक चिन्ह लागौनि अछि। चुकी क्राइम ग्राफ बढ़ल तखनहि भाजपा केँ गृह विभागक पोर्टफोलियो भेटल। सब तरहक अपराध बढ़ि गेल अछि। 2010 सँ 2015 तक बिहार मे काफी प्रगति भेल अछि।बिहार मे अपराध जातिगत रेखा सँ जुड़ल अछि, आ ओकर नेता सदन मे बागडोर कसैत छथि या ढील करैत छथि। एहि ठाम सोशल इंजीनियरिंग क’ सड़क पर बुलडोजर नहि चलि सकैत अछि। कतौ नै कतौ योगी मॉडल केँ सफलता केँ उम्मीद कम अछि। कोनो बात असंभव नहि। मुदा असफलता कतेको दरबज्जा खुजि जाइत अछि। भाजपा दायित्व त’ उठौलक अछि। आम जनमानस केँ बीच चर्चा अछि जे क्राइम कंट्रोल होयत । मुदा बाट सहज नहि अछि। एससीआरबी के आंकड़ा के अनुसार जून 2025 तक बिहार में 1379 हत्या के मामला दर्ज भेल छल, जखन कि 2024 में 2786 आ 2023 में 2863 हत्या के मामला दर्ज भेल छल।बिहार पुलिस के रिपोर्ट के अनुसार हिंसक अपराध मे बढ़ोतरी के कारण अवैध हथियार, फर्जी लाइसेंस, आ गोला-बारूद के अवैध बिक्री सम्मलित अछि । सफलताक वाहवाही जेना नेतृत्व केँ भेटैत अछि ओहिना असफलताक गारि-गरौबलि सेहो नेतृत्व केँ भेटैत छैक । देखबाक अछि जे भाजपा जे शांतिपूर्ण विकासक मॉडल लाबय चाहैत अछि, ओकरा हासिल करैत अछि की नहि । अगर गृह मंत्रालय स्थिति के ध्यान नहि राखत त एनडीए एकरा जंगलराज कहय के अधिकार सँ वंचित भ’ जायत।

उधोग विभाग
नव सरकार के गठन मे उद्योग विभाग भाजपा अपना दोसर आओर मुख्य विभाग उद्योग अपना लग रखने अछि। जाहि केर मंत्री के रूप मे भाजपा के दिलीप जयसवाल जी छथि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार केँ जनता सँ वादा केने छथि जे सम्पूर्ण बिहार केँ उद्योग सँ पाटि देता। भूगर्भ शास्त्री लोकनि कहब छनि कोनो बड़का कल कारखाना बिहार मे लगेनाइ कठिन छैक। तखन छोट छोट उद्योग पर बिहार मे लगबै परत। कृषि आधारित उद्योग, आ सब जिला मे उपज उपज पर आधारित उद्योग के ल’ क’ पहिने सँ बेसी आब आम जन के बिच ईच्छा बढ़ल अछि आ अहि क्षेत्र लगातार किसान सबके बेर- बेर प्रोत्साहन राशि द’ किछु आशा जगौलनि अछि। अहु क्षेत्र मे पूर्व केँ नीतीश सरकार केँ कोनो पैघ सफलता हाथ नहि जेका लागल छनि।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग नव गठित सरकार मे दायित्व श्रेयसी सिंह केँ भेटल छनि। कोनो राज्य सरकार केँ सफल बनेबा मे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के आजुक समय अहम भूमिका छैक। प्रत्येक मंच भारत केर प्रधानमंत्री AI के पाठ्यक्रम पर विशेष बल दैत छथि। इन्फ्रोमेशन टेक्नोलॉजी कें युग छैक। भारत के प्रधानमंत्री चुनाव परिणाम केर बाद अपन वक्तव्य सँ निवेशक सब सँ बिहार राज्य मे निवेश करबाक हेतु आवाहन कयने छला। जं हुनक आग्रह पर निवेशक लोकनि आबैत छथि त’ हुनका इन्फ्रोमेशन टेक्नोलॉजी मे दक्ष लोकनिक आवश्यकता हेतनि। जाहि मे बिहार राज्य मे अखनहु सिकल्ड लोकक बहुत कमी छैक।

