
की पीएम मोदी के अपील,भारतीय के चेतावनी अछि?
की आबै वाला दिन मे भारत कें तेलक गंभीर संकट के सामना करबाक संभावना छैक ?
की ईरान युद्ध के असरि सँ भारत कें स्थिति चिंताजनक अछि ?
की भारतीय के चुनौतीपूर्ण समय के तैयारी करय के जरूरत अछि?
चारि राज्य मे विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एहि संकट पर चुप किएक रहलाह?
उक्त बातक चर्चा रवि दिन सिकंदराबाद मे पीएम मोदी द्वारा देल गेल भाषणक बाद विशेषज्ञ, राजनेता, आ जनता के बीच प्रारम्भ भ’ गेल अछि ।
लहरि रूम (रांची) : पीएम मोदी केर भाषण के महज किछु समय उपरांत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान संग युद्ध समाप्त करबाक प्रस्ताव के “बिल्कुल अस्वीकार्य” कहलनि ।एहि कें मतलब अछि जे ईरान संग इजराइल आओर अमेरिका कें युद्ध पर अनिश्चितता बनल अछि , जे की वैश्विक अर्थव्यवस्था (भारत सहित) आ शेयर बाजार लेल नीक खबरि नहि अछि । पीएम मोदी अपन भाषण मे भारती के नागरिक लोकनि सँ पेट्रोल आ डीजलक संग मितव्ययी रहबाक आग्रह केलथि। संगहि ओ एक साल तक सोना खरीदबा सँ परहेज करबाक आ खाना बनाबय वाला तेल कें उपयोग कम करबाक आग्रह केलथि। संगहि ओ एहि दौरान विदेश यात्रा स्थगित करबाक अपील सेहो केलथि। ईरान युद्ध पर चर्चा करैत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोग सबके पेट्रोल आ डीजल के इस्तेमाल कम करबाक संग पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बेसी उपयोग करबाक लेल आग्रह कयलनि। अपन वक्तव्य मे प्रधानमंत्री कहलनि “भारत लग कोनो तेल कें कुआँ नहि अछि । हमरा सब कें पेट्रोल, डीजल, आ गैस के जरूरत के पूर्ण करबाक हेतु पैघ मात्रा मे कच्चा तेल दोसर देश सँ आयत करै परैत अछि। युद्ध के कारण सँ पेट्रोल, डीजल, गैस आ खाय वला तेलक दाम दुनियाभरि मे काफी बढ़ी गेलौ छै । एहि केर दाम आसमान छूबै वाला स्तर तक पहुँची गेल अछि । पड़ोसी देश सबके स्थिति के बारे मे अखबार मे खबरि छपि रहल अछि ।”

प्रधानमंत्री एहि तरहक बात किएक बजलाह ?
ईरान युद्ध केर कारण बहुत दिन सँ होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) मे पाइन वाला जहाज सबके आवा-गमन मे बाधा भ’ रहल छैक । इ समुद्री मार्ग छै, जेकरा माध्यम सँ सम्पूर्ण विश्व के 20% तेल आपूर्ति हेतु परिवहन होइत छैक। भारत अपन तेल आ ऊर्जा के जरूरत लेल 100% एहि समुद्री मार्ग पर निर्भर अछि।
ईरान युद्ध के कारण दुनियाभरि मे तेल के दाम बढ़ल अछि। भारत कें अपन जरूरत केँ पूर्ण करबाक लेल भारी मात्रा मे तेल आयात करय परी रहल छैक ।
विशेषज्ञ सबके के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल आ डीजल के उपयोग मे संयम बरतबाक आग्रह क’ रहल छथि, कारण एहि युद्ध सँ कच्चा तेल, खाद्य तेल, खाद, आ लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के दाम बढ़बाक संभावना छैक। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद आ हवाई यात्रा सेहो महग भ’ सकैत अछि। जं होमुर्ज स्ट्रेट पर एहि तरहक नाकाबंदी बनल रहल त’ कच्चा तेल केर दाम 110 या 120 डॉलर प्रति बैरल भ’ सकैत अछि जाहि कारण सँ महगाई बढ़ि सकैत अछि ,राजकोषीय घाटा बढ़त आ एहि केर समग्र असरि भारतीय अर्थव्यस्था पर पडत। ताहि हेतु भारतीय तैयार रहैत आगा कें सफर कठिन आओर झटका सँ भरल होयत।
प्रधानमंत्री अपन भाषण मे लोक सब सँ एक वर्ष तक तक सोना नहि खरीदबाक लेल सेहो अपील सेहो कयलनि………..
ओ कहलनि जे, “सोना खरीद एकटा आओर कारक अछि जे विदेशी मुद्रा के खूब खपत करैत अछि। एक समय छल जखन संकट के समय लोक देश के हित मे सोना दान करैत छल। आइ चंदा जरूरी नहि अछि, मुदा देश के हित मे हमरा सब के ई तय करय पड़त जे एक साल तक अगर घर मे कोनो आयोजन होयत त’ हम सब सोना के गहना नहि खरीदब।”
“हम सब सोना नहि कीनब। हमर देशभक्ति हमरा सब के विदेशी मुद्रा बचाबय के चुनौती द’ रहल अछि, आ हमरा सब के एकरा स्वीकार क’ विदेशी मुद्रा कें सेहो बचेबाक चाही ।” भारत कच्चा तेल आ सोना दुनू कें आयात पैघ मात्रा मे करैत अछि। तें, एकरा खरीदबा लेल बेसी विदेशी मुद्रा (सामान्यतः डॉलर) केर आवश्यकता परैत अछि. एहि सँ रुपया कमजोर भ’ जाएत, जाहि सँ भारतीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असरि पड़त। एहि सँ महंगाई बढ़बाक संभावना अछि।
सरकारी आंकड़ा केर अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 मे भारतक सोनाक आयात 51.4 अरब डॉलर रहल। 2023 मे इ सब 45.54 अरब डॉलर छल। मतलब 2024-25 मे 13.7 प्रतिशतक बढ़ोतरी भेल। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) केर ताजा आधिकारिक आंकड़ केँ अनुसार भारत कें विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स) 9 मई 2026 तक लगभग 690.06 अरब डॉलर रहल ।
विशेषज्ञ लोकनि की छनि परामर्श
जखन विदेशी मुद्रा भंडार कम भ’ जाइत अछि त सरकार क चिंता दू स्तर पर होइत अछि। कच्चा तेल आ सोना आयात के सम्बन्ध मे विशेषज्ञ सबके अनुसार एहि लेल पीएम अपन भाषण मे कच्चा तेलक संग सोना नहि खरीदबाक परामर्श आम जनमानस देलनि अछि।आगा विशेषज्ञ लोकनि जं मानी तँ पीएम मोदी द्वारा एक साल लेल सोना ख़रीदबाक सन बचबाक लेल अपील एकटा सशक्त संदेश अछि जे रुपया बचाबी । आबय वला विदेशी मुद्रा संकट सँ लड़बाक लेल एकटा प्रारंभिक चेतावनी जका अछि। कारण, आयातित सोना पर खर्च होय वाला हर अतिरिक्त डॉलर रुपया केँ आओर कमजोर क’ रहल अछि । भारत मे सोना कें भारी मांग छैक ।भारत सालाना लगभग 800 – 900 टन सोना के आयात करैत अछि , जे दुनिया के दोसर सबसँ अधिक आयात करै वला देश अछि । कच्चा तेल के बाद भारत के सबसँ पैघ आयात सोना केर करैत अछि अछि। वित्तीय वर्ष 2026 मे सोना केर आयात रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर तक पहुँचि गेल अछि, जे वित्तीय वर्ष 2025 के तुलना मे लगभग 24% अधिक अछि।सोना के बारे मे पीएम मोदी केर बयान सँ अहि बातक संकेत आबि रहल अछि जे सरकार डॉलर के भंडार के संरक्षण, गैर-जरूरी आयात कें कम करबाक , आ ईरान युद्ध सँ उत्पन्न होय वाला दीर्घकालिक दबाव लेल जनता केँ मानसिक रूप सँ तैयार करबाक प्रयास पर जोर द’ रहल अछि।
भारतीय जनता पार्टी के अनेको नेता पीएम के भाषण के साझा करैत हुनकर अपील के सोशल मीडिया शेयर आ पोस्ट क’ रहला अछि। पीएम कें भाषण पर विपक्ष द्वारा आरोप लगाओल जा रहल अछि जे वर्तमान मोदी सरकार ईरान युद्ध सँ पैदा होय वाला स्थिति केँ सही तरीका सँ नहि संभारि पाबि रहल अछि आ एहि संकट सॅं निपटबाक लेल सबटा दायित् जनता के कंधा पर डालबाक प्रयास क’ रहल अछि ।

