
लहरि रूम (रांची) : आई भोरे -भोरे हमर सहयोगी गौतम चौधरी जी पुछला यौ किशोर बाबू पेट्रोल भेटि रहल छैक की नहि। हम कहलियैन जे अहाँक घर लग तीन-तीन टा पेट्रोल पंप अछि आ हमरा सँ पुछैत छी। ओ कहला जे धोनी के घर लग जे पंप अछि ओहि मे ततेक भीड़ रहैत अछि जे की कहु आब ओतेक देर तक ठार भेनाइ मुश्किल लगैत अछि। तखन हम कहलियैन जे टुंगरी टोली आ हेहल अंचल तरफ सँ ल’ लेल करू ओ दुनू पेट्रोल पम्प कात – करोट मे छैक ओतय भीड़ कम होइत छैक , जल्दी भेट जायत। गौतम जी कहला ठीके कहैत छी।
पेट्रोल हमरो लेबाक छल। हम गौतम जी सँ वार्ता समाप्त क’ चलि देलहुँ टुंगरी टोली मे पेट्रोल भरेबाक लेल। अहि ठाहे ठहि दुपहरिया मे पहुंचलौ त’ देखैत की छी जे टुंगरी टोली वला पेट्रोल पंप बंद। फेर बिचार भेल जे अहि ठाम आबि गेल छी हे कनि आगा बढ़ि हेहल अंचल वला सँ पेट्रोल ल’ ली। हेहल अंचल गेलहुँ ओहु ठाम पेट्रोल नहि केँ सूचना लागल। मन मे पत्रकार होयबाक भावना जागृत भेल। ऐना केना सब पेट्रोल पम्प पेट्रोल नहि छैक ? से कनि वार्ता पम्प के मालिक सँ क’ ली। अपन दू पहिया ठार क’ जहिना रस्सा ( ओ रस्सा जे संकेत दैत रहै जे पेट्रोल पम्प मे पेट्रोल नहि छैक ) तरपि क’ आगा बढ़लहुँ तहिना दू टा हस्ट पुस्ट देहाती कुकुर हमरा तरफ दौरल….. हम रस्सा तरपि पुनः अपन कात आबि क’ ठार भ’ गेलहुँ। तखन एकटा व्यक्ति अयला आ कहला “दिखाई नहि देता है , पेट्रोल पंप बंद है। पेट्रोल,डीजल सब खत्म हो गया।” हम कहलियैन वो सब तो ठीक है लेकिन ये कुत्ता क्यों दौड़ाया , वो भी दिन में ? ओ कहला “ये कुत्ता ईतना वफादार है की दिन हो या रात रस्सा अगर आगे लगा दिया गया तो ये स्वतः समझ लेता है की उसकी चौकीदारी का वक्त आरम्भ हो गया है।”

उक्त घटना सत्य अछि। झारखण्ड केँ राजधानी रांची मे किछु पेट्रोल पम्प के छोरि लगभग पम्प के स्थिति कम आ बेस अहिना अछि। सब गोटे सँ आग्रह जे ऊर्जा कें बचाबि हाँ संग्रहित केला सँ कोनो बहुत बड़का लाभ नहि होयत !

