
कुणाल आ श्री राम केर भेटतनि सम्मान !
लहरि रूम (पटना) : बिहार के मधुबनी निवासी विख्यात नाटककार आ मैथिली रंगमंच आ साहित्य के निर्देशक शिव नारायण झा (कुणाल) के आ रसनचौकी बजेनिहार महेंद्र राम जी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2024 के लेल चुनल गेल अछि। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार देश केर प्रदर्शन कला के क्षेत्र मे देबै जाय वाला सबसँ पैघ राष्ट्रीय सम्मान अछि , जाहि मे विजेता केर प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र, आ नकद ₹1 लाख टकाक पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति केर कर कमल सँ प्राप्त होइत छनि ।

शिव नारायण झा (कुणाल) जी हेता सम्मानित
नाटककार कुणाल जीक जन्म मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड केर पालिमोहन ग्राम मे सन 1951 मे भेल छल। विज्ञान स्नातक कुणाल बहुप्रतिभाशाली व्यक्तित्व छथि । कुणाल केर हुनक उत्कृष्ट नाटकीय कृति आ रंगमंच मे दीर्घकालिक योगदान लेल प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कयल जेतनि । कुणाल जी के हिन्दी नाटक “बरबरीक उवाच” के लेल पहिल “मोहन राकेश सम्मान” संग ज्योतिरेश्वर सम्मान, विद्यापति नाट्य रंग सम्मान, चेतना सम्मान, आरू रमेश प्रसाद सिंह स्मृति रंग सम्मान प्राप्त छनि । हिनक उल्लेखनीय कृति मे कुसुम सलहेश, विदापत और चालीस चोर, आ गोनू झा उर्फ ज्ञान झाक खिस्सा सम्मलित अछि । कुणाल जी साहित्य अकादमी केर विभिन्न समिति संग कार्य केने छथि । एकटा कवि के रूप मे कुणाल जी के उल्लेखनीय कृति मे “मीताक नाम”(1982), आ “समय संदर्भ” अछि। हिनक 100 टा सँ बेसी मैथिली कविता विभिन्न पत्रिका मे प्रकाशित अछि। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन मे सेहो कविता क’ चुकला अछि।
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त करबाक घोषणा पर शिव नारायण झा (कुणाल) कहलनि जे, ई सम्मान हमरा लेल अप्रत्याशित अछि ।
रसनचौकी बजेनिहार महेंद्र राम जी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भेटत….
रसनचौकी संगीत कला लेल भटसिमरि ग्राम वासी महेन्द्र राम केँ संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार देल जेबाक घोषणा भेल अछि। महेन्द्र राम जी रसनचौकी संगीत वाद्ययंत्र के द्वारा बजाओल विलुप्त होइत कला के जीवंत रखने छथि, आ हुनक मेहनत के संगीत नाटक अकादमी आ भारत सरकार खोजि आ संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार) सँ सम्मानित करत।

