
लहरि रूम (रांची ) : मीडिया सूत्र सँ खबरि आबि रहल अछि जे पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग द्वारा सब स्कूल आ शैक्षणिक संस्थान सबके निर्देश जारी कयल गेल अछि । जाहि मे राज्य के सब सरकारी आ सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल मे भोरका प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ गायन अनिवार्य भ’ जायत। ई नियम सोमदिन 18 मई सं लागू होएत। निजी विद्यालय सँ सेहो आग्रह कएल गेल अछि जे ओ राष्ट्रगान कए प्रार्थना सभा मे शामिल करथि।

‘वंदे मातरम’ की अछि इतिहास ?
‘वंदे मातरम’ के रचना बंकिम चंद्र चटर्जी केने छलाह । एकर प्रकाशन पहिल बेर 7 नवम्बर 1875 क’ साहित्यिक पत्रिका बंगादर्शन मे भेल छल ।1905 मे कोलकाता मे वंदे मातरम सम्प्रदाय केँ स्थापना भेल छल जे मातृभूमि क’ पूजा कें रूप मानैत छल । एहि सम्प्रदाय सँ जुड़ल लोकनि कें द्वारा प्रत्येक रविदिन प्रभातफेरी निकालि वंदे मातरम गबैत जायत छल । एहि प्रभातफेरी मे रवीन्द्रनाथ टैगोर सेहो सम्मलित होइत छला ।
1906 मे बिपिन चंद्र पाल आ अरविंदो द्वारा संपादित अखबार वंदे मातरम केर शुभारंभ भेल, जाहि सँ देश मे आत्मनिर्भरता, एकता, आ स्वतंत्रताक भावना उत्पन्न भेल । वन्दे मातरम ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारतीय एकता के प्रतीक बनल | अतः 1950 मे संविधान सभा एकरा भारतक राष्ट्रगीत के रूप मे मान्यता देने छल।

